सेबी रिपोर्ट: निवेश में अधिकतम लोगों की जानकारी सीमित, केवल 1 उत्पाद जानते हैं 63% लोग
व्यापार: शेयर बाजार के रिकॉर्ड स्तर, आईपीओ बाजार की धूम व म्यूचुअल फंड की संपत्तियां नई ऊंचाई पर जाने के बीच पूंजी बाजार नियामक सेबी का एक चौंकाने वाला सर्वेक्षण आया है। देश का केवल 10 फीसदी परिवार ही प्रतिभूतियों में निवेश करता है। 63 फीसदी परिवार ऐसे हैं जिनको बाजार के कम से कम एक उत्पाद की जानकारी होती है।
सेबी ने वित्तीय उत्पादों और बाजार की पहुंच की जानकारी के लिए एक सर्वे किया है। इसमें 90,000 से ज्यादा सैंपल लिए गए हैं। यह सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में किया गया है। सभी 5 लाख शहर कवर किए गए हैं। प्रतिभूतियों में शहरी भागीदारी 15 प्रतिशत रही। ग्रामीण क्षेत्रों में यह केवल 6 प्रतिशत थी। जागरुकता के मामले में 20.7 प्रतिशत परिवारों की भागीदारी के साथ दिल्ली सबसे आगे रही। गुजरात 15.4 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
हालांकि, सर्वेक्षण में बताया गया कि केवल 36 फीसदी निवेशकों को ही प्रतिभूति बाजारों की सामान्य जानकारी है। इससे निरंतर वित्तीय शिक्षा की जरूरत महसूस होती है। लगभग 80 फीसदी परिवारों ने कहा, वे उच्च रिटर्न की तुलना में पूंजी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। दिलचस्प बात यह है कि जेन-जेड यानी 13 से 30 वर्ष वाले परिवारों में से 79 प्रतिशत ने भी माना कि उनकी प्राथमिकता पूंजी की सुरक्षा है न कि उच्च रिटर्न।
इन वजहों से बाजार में कम भागीदारी...
सर्वे में कहा गया कि वित्तीय उत्पादों की जटिलता, पर्याप्त जानकारी का अभाव, विश्वास की कमी और घाटे का डर ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से बाजार में कम भागीदारी है। प्रतिभूति बाजार उत्पादों की बिना जानकारी वाले गैर-निवेशक अगले वर्ष के भीतर निवेश करने का इरादा रखते हैं। ये निवेशक सरल डिजिटल प्लेटफॉर्म, आसान प्रक्रियाओं, कम प्रवेश बाधाओं और प्रेरक सफलता की कहानियों और रोल मॉडल को पसंद करते हैं।
सोशल मीडिया से सबसे ज्यादा वित्तीय शिक्षा
सर्वेक्षण से यह भी पता चला कि निवेशक वित्तीय शिक्षा कैसे प्राप्त करते हैं। 70 फीसदी लोग सोशल मीडिया से वित्तीय शिक्षा लेने के लिए सबसे पसंदीदा माध्यम मानते हैं । मोबाइल एप से 60 फीसदी लोग लेते हैं। विज्ञापन के जरिये 51 फीसदी लोग वित्तीय शिक्षा लेते हैं। मजेदार बात यह है कि जेन-जेड शॉर्ट वीडियो और रील्स से शिक्षा लेते हैं। वरिष्ठ नागरिक लेख, पॉडकॉस्ट और कार्यशाला जैसे माध्यम को पसंद करते हैं।

नवजोत कौर सिद्धू ने किया भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी का शुभारंभ, राजनीतिक हलचल बढ़ी
मोहन कैबिनेट के अहम फैसले: छात्रों को सहूलियत, किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास
ईरान युद्ध की मार: पाकिस्तान में इमरजेंसी जैसे हालात, Shehbaz Sharif ने लॉकडाउन लागू करने की घोषणा की
बारामती उपचुनाव में परिवार और राजनीति आमने-सामने, सुनेत्रा पवार ने विकास को बनाया मुद्दा
वरिष्ठ खिलाड़ियों की सलाह लेने की बजाय सार्वजनिक आलोचना पर सहवाग का रोष
छात्र की शरारत से बोर्ड एग्जाम का पल बन गया सोशल मीडिया स्टार
युवा स्टार ने टीम को दिया पहला मैच जीतने का भरोसा
सूअरों की बीमारी फैलने पर तुरंत अधिकारियों को सूचित करें
इंटरनेट सेवाएं ठप होने की आशंका, RBI ला सकता है 100, 200, 500 के नए नोट
क्या सूर्यवंशी तोड़ पाएंगे बुमराह की गेंदों का जाल?