भोपाल में PM आवास बने हितग्राहियों के सिरदर्द, लोन की किश्त और किराये का टेंशन
भोपाल : गरीबों को पक्की छत देने के उद्देश्य से भोपाल में वर्ष 2015 में शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना अभी भी अधूरी है. भोपाल में हितग्राही घर की चाबी का इंतजार करते-करते थक गए हैं. हितग्राहियों का कहना है कि वर्षों पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली थी और तय नियमों के अनुसार किस्तों में अपनी हिस्सेदारी की राशि भी जमा कर दी. इसके बावजूद उन्हें आज तक मकान का कब्जा नहीं मिल पाया
अधिकांश प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अधूरा
लंबे समय से पक्के घर का सपना देखने वाले गरीब परिवारों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं. हितग्राहियों का दर्द है कि PM आवास के लिए लोन लिया है, EMI भी चुका रहे हैं और मजबूरी में किराए के मकान में भी रह रहे हैं. मौके पर कई परियोजनाओं का आज भी निर्माण कार्य अधूरा है. कहीं बिल्डिंग खड़ी है लेकिन बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, तो कहीं काम पूरी तरह ठप पड़ा है.
टारगेट का आधा काम भी नहीं हुआ
भोपाल नगर निगम को 9 साल में साढ़े 11 हजार मकान बनाकर लोगों को देने थे, लेकिन महज साढ़े 6 हजार ही आवास बन पाए हैं. नगर निगम ने केंद्र की हाउस फॉर ऑल योजना के तहत 21 प्रोजेक्ट शुरू किए थे. 40 फीसदी प्रोजेक्ट काम शुरू होने के बाद अटक कर बंद हो गए, जो चल रहे हैं, वे भी बेहद धीमे हैं. नगर निगम के अनुसार 21 प्रोजेक्ट में तय 11,457 फ्लैट्स में से 6573 ही बन सके हैं.
अरेरा कॉलोनी का 12 नंबर स्टॉप
हितग्राहियों ने साल 2018-19 में दिए जाने थे, आज तक नहीं मिले. इस दौरान कई निगम कमिश्नर आए और चल गए. लोगों निगम कार्यालय के चक्कर भी काटे, धरना प्रदर्शन भी किया लेकिन आज तक हितग्राहियों उनको योजना का लाभ नहीं मिला. सुनीता बाई भोपाल के 12 नंबर इलाके में पिछले 10 साल से झुग्गी में रह रही हैं. जहां एक छोटे से टीन सेड के नीचे गुजारा करना पड़ता है.सुनीता बाई ने 5 साल पहले पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए निगम को पहली किश्त 55 हज़ार रुपये दिए लेकिन अभी घर नहीं मिला. इनके जैसे सैकड़ों परिवारों ने पैसे जमा कर दिए लेकिन अब तक आवास नहीं मिला..
देखिए पीएम आवास योजना के हाल
- स्थान : 12 नंबर बस स्टॉप
- शुरुआत: मई 2017
- फ्लैट : 1224 फ्लैट
- लागत : लगभग 146 करोड़
- कार्य : 87 फीसदी काम हुआ
- प्रोजेक्ट 18 महीने में पूरा होना था
- ठेकेदार ने बीच में काम छोड़ा
- 7 साल बाद भी यह प्रोजेक्ट अधूरा
गंगा नगर/श्याम नगर
- शुरुआत: 2017
- फ्लैट: 792 फ्लैट
- लागत: लगभग 190 करोड़
- कार्य: 76 फीसदी काम हुआ
- 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य था
- ठेकेदार को भुगतान नहीं किया गया
- भुगतान नहीं होने से कार्य प्रभावित हुआ
राहुल नगर-2
- शुरुआत: 2022
- फ्लैट : 240 फ्लैट हैं
- लागत : लगभग 125 करोड़
- कार्य : 41 फीसदी काम हुआ
- 24 माह में पूरा होना था
- काम अभी भी अधूरा
रेरा से अप्रूवल में देरी से विलंब : सूर्यवंशी
इस मामले में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का कहना है "प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे इन प्रोजेक्ट्स में रेरा से अप्रूवल मिलने में देरी हुई, जिस कारण निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका. देरी का खामियाजा हितग्राहियों को भुगतना पड़ रहा है. नगर निगम इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है. प्रोजेक्ट्स की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं."

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