बचपन की आदत का राज़ खोला अर्जुन कपूर ने, बोले- ये फिल्म थी मेरी भूख की चाबी
बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर ने हाल ही में अपने बचपन की एक पसंदीदा फिल्म को लेकर मजेदार खुलासा किया है। उन्होंने हाल ही में साझा किया कि एक फिल्म थी, जिसे वह इतना पसंद करते थे कि बिना देखे खाना तक नहीं खाते थे। बातचीत में अर्जुन ने इस फिल्म से जुड़ी अपनी यादें ताजा कीं और बताया कि यह उनके लिए कितनी खास है। आइए जानते हैं कि वह कौन सी फिल्म है और अर्जुन का उससे क्या कनेक्शन है।
अपने समय से आगे थी यह फिल्म
अर्जुन जिस फिल्म की बात कर रहे थे वह थी साल 1987 में आई 'मिस्टर इंडिया।' इसे देखकर अर्जुन आज भी हैरान हो जाते हैं कि उस जमाने में इतने शानदार स्पेशल इफेक्ट्स कैसे बनाए गए। उस समय भारतीय सिनेमा में विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स) का ज्यादा चलन नहीं था, लेकिन इस फिल्म ने कमाल कर दिखाया। अर्जुन ने कहा, “मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा कैसे किया। फिर भी, सब कुछ इतना साफ और शानदार दिखता है। शायद तब फिल्म बनाने में धैर्य होता था।
आरके स्टूडियो की तीन मंजिलें हुई थीं बुक
फिल्म के पीछे की मेहनत भी कम नहीं थी। बातचीत के दौरान अर्जुन ने अपने पिता और फिल्म के प्रोड्यूसर बोनी कपूर से सुनी एक भी बात बताई। उन्होंने कहा, “यह उस समय की बहुत महंगी फिल्म थी। मेरे पिता ने मुझे बताया था कि मोगैम्बो के डेन के लिए आरके स्टूडियो की तीन मंजिलें बुक की गई थीं।”
फिल्म देखे बिना खाना तक नहीं खाते थे अर्जुन
अर्जुन के लिए मिस्टर इंडिया सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि उनके बचपन का हिस्सा थी। उन्होंने हंसते हुए बताया, “मैंने मिस्टर इंडिया को वीएचएस पर इतना देखा कि वीएचएस प्लेयर ही खराब हो गया। मैंने यह फिल्म देखे बिना खाना तक नहीं खाता था। मुझे लगता था कि अनिल चाचू सच में मिस्टर इंडिया हैं और वो गायब हो जाते हैं।”
यह सीन देखकर आज भी भावुक हो जाते हैं अभिनेता
अर्जुन को फिल्म की हर बात पसंद है, लेकिन एक सीन ऐसा है, जिसे वह आज भी नहीं देख पाते। फिल्म में एक मासूम बच्चे की मौत का सीन उन्हें बहुत दुखी कर देता है। उन्होंने कहा, “मैं वो सीन नहीं देख पाता। मैं हमेशा उसे तेजी से आगे बढ़ा देता हूं। आज भी मेरी आंखें भर आती हैं।”

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