दलों के नेताओं और सदस्यों को चर्चा व संवाद को बढ़ावा देना होगा: स्पीकर बिरला
लखनऊ। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के बारे में सवाल का जवाब देते हुए, कहा कि सदन में लगातार नियोजित गतिरोध और व्यवधान देश के लोकतंत्र के लिए उचित नहीं हैं। जब सदन में व्यवधान होता है, तो सबसे अधिक नुकसान उस नागरिक का होता है जिसकी समस्या पर चर्चा होनी थी। उन्होंने कहा कि हमें व्यवधान नहीं, बल्कि चर्चा और संवाद की संस्कृति को सुदृढ़ करना होगा। उन्होंने सभी दलों के नेताओं व सदस्यों से सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग देने की अपील की तथा कहा कि लोकतंत्र में लोक सर्वोपरि है, और जनता के प्रति हमारी जवाबदेही केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि हर दिन और हर क्षण है। बिरला ने कहा कि पीठासीन अधिकारी केवल कार्यवाही संचालित करने वाले नहीं होते, बल्कि वे संविधान के प्रहरी और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के संरक्षक होते हैं। उनकी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और दृढ़ता ही सदन की दिशा तय करती है। इससे पहले उत्तर प्रदेश विधान भवन, लखनऊ में 19 से 21 जनवरी तक आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में समापन भाषण देते हुए बिरला ने कहा कि विधायिका को अधिक प्रभावी, जनोपयोगी और उत्तरदायी बनाने के लिए एक ‘राष्ट्रीय विधायी सूचकांक’ तैयार किया जाएगा, जिससे देशभर के विधानमंडलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, संवाद की गुणवत्ता और कार्यकुशलता में वृद्धि हो सके। उन्होंने इस संबंध में एक समिति के गठन की जानकारी भी दी। बिरला ने कहा कि राज्य विधान मंडलों में प्रति वर्ष न्यूनतम 30 बैठकें सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि विधानमंडल जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का एक प्रभावी मंच बन सकें। उन्होंने कहा कि सदन जितना अधिक चलेगा, उतनी ही अधिक सार्थक, गंभीर और परिणामोन्मुख चर्चा संभव होगी। सम्मेलन के समापन सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्य सभा के उपसभापति, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति एवं उत्तर प्रदेश विधान सभा के माननीय अध्यक्ष ने अपने विचार व्यक्त किए।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (11 फ़रवरी 2026)
बिहान योजना से पंचबाई की बदली तकदीर, बनी सफल व्यवसायी
जल संरक्षण से आजीविका तक: छत्तीसगढ़ में ‘आजीविका डबरी’ अभियान बना ग्रामीण बदलाव की धुरी
छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहनीय पहल
बजट प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का रखा गया है ध्यान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
पीएमजी एवं प्रगति परियोजनाओं की मुख्य सचिव ने की समीक्षा
जल जीवन मिशन : सोहागपुर में हर घर नल से पहुंचा जल
फसल विविधीकरण से बदली धमतरी के किसानों की तक़दीर, रागी-दलहन ने खोले आय के नए द्वार
प्रदेश में मत्स्य उत्पादन दोगुना करने की दिशा में सक्रियता से करें कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव