दुर्लभ खनिजों पर अमेरिका की नजर, वैश्विक राजनीति में बढ़ी हलचल
वॉशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) अब अमेरिकी कूटनीति का एक मुख्य स्तंभ बन चुके हैं। दुनिया भर में फैले अमेरिकी दूतावास अब इन खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति शृंखला (सप्लाई चेन) तैयार करने और इस क्षेत्र में चीन के दबदबे को कम करने के मिशन पर काम कर रहे हैं। रूबियो ने इसे उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा प्रणालियों, सेमीकंडक्टर और क्लीन एनर्जी तकनीकों के भविष्य के लिए सबसे जरूरी संसाधन बताया। अमेरिका अब अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर खनन, शोधन (रिफाइनिंग) और प्रोसेसिंग के नए विकल्प तैयार कर रहा है ताकि चीन पर निर्भरता से पैदा होने वाले खतरों को खत्म किया जा सके।
तीन दर्जन से ज्यादा देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी
मार्को रूबियो के अनुसार, दुर्लभ खनिजों को लेकर हुई एक बड़ी मंत्रिस्तरीय बैठक में तीन दर्जन से अधिक देशों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की रणनीति सिर्फ खनिज भंडारों पर अधिकार हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि चीन के बाहर इन सामग्रियों के प्रसंस्करण और शोधन की क्षमता को बढ़ाना भी है। इन कच्चे खनिजों को इस्तेमाल के योग्य उत्पाद में बदलने की क्षमता आज के समय में आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा योजना का एक बेहद अहम हिस्सा बन चुकी है। अमेरिकी राजनयिक अब दुनियाभर की सरकारों के साथ मिलकर इस सप्लाई चेन की कमजोरियों की पहचान कर रहे हैं और देशों को निवेश के नए स्रोतों से जोड़ रहे हैं।
विकासशील देशों के सामने चीन एक बड़ी चुनौती
अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस बात को स्वीकार किया कि बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास की चाह रखने वाले कई विकासशील देशों के पास अक्सर चीन समर्थित परियोजनाओं को अपनाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होता, क्योंकि वहां निवेश के लिए केवल चीनी कंपनियां ही सबसे पहले पहुंचती हैं। इस चुनौती का सामना करने के लिए अमेरिका अब अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर खनन, प्रसंस्करण, परिवहन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में मजबूत तथा वित्तीय रूप से व्यावहारिक विकल्प पेश कर रहा है। इसके लिए समान सोच वाले देशों के साथ मिलकर खनिज समृद्ध क्षेत्रों की रणनीतिक परियोजनाओं को आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जा रही है।
एक ही देश पर निर्भरता से रणनीतिक जोखिम
मार्को रूबियो ने चेतावनी देते हुए कहा कि आपूर्ति शृंखला की सुरक्षा को लेकर चिंताएं अब केवल खनिजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह उन सभी क्षेत्रों में फैल चुकी हैं जहां उत्पादन अत्यधिक रूप से कुछ ही जगहों पर केंद्रित हो गया है। कुछ खास उद्योगों में इस अत्यधिक केंद्रीकरण और किसी एक आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) पर जरूरत से ज्यादा निर्भर रहने से बड़ा आर्थिक और रणनीतिक जोखिम पैदा हो रहा है। यह मुद्दा आज इसलिए भी वैश्विक चिंता बन गया है क्योंकि पूरी दुनिया की सरकारें इस समय इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों और एआई जैसी उभरती तकनीकों के लिए जरूरी सामग्रियों की सुरक्षित और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी हुई हैं।

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