महाराष्ट्र विधानसभा की समिति के विभाजन की घोषणा
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा की समिति के विभाजन की घोषणा कर दी गई है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 11 विधायकों को विभिन्न समितियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। हालांकि, महायुति के सहयोगी दल शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के विधायकों को अब तक समितियों में स्थान नहीं मिला है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, कैबिनेट मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, भाजपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और विधायक रणधीर सावरकर के नेतृत्व में इन विधायकों को इन समितियों में नियुक्त किया गया है।
समितियों में जगह पाए 11 बीजेपी विधायकों में - सार्वजनिक उपक्रम समिति - राहुल कुल, पंचायत राज समिति - संतोष दानवे-पाटिल, आश्वासन समिति - रवि राणा, अनुसूचित जाति कल्याण समिति - नारायण कुचे, अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति - राजेश पाडवी, महिला अधिकार और कल्याण समिति - मोनिका राजले, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति - किसन कथोरे, मराठी भाषा समिति - अतुल भातखलकर, विशेष अधिकार समिति - राम कदम, धर्मादाय निजी अस्पताल जांच समिति - नमिता मुंदडा एवं विधायक निवास व्यवस्था समिति - सचिन कल्याणशेट्टी हैं।
इस कदम को भाजपा विधायकों के लिए राजनीतिक रूप से पुनर्वास के अवसर के रूप में देखा जा रहा है, विशेष रूप से उन विधायकों के लिए जो मंत्री पद से वंचित रह गए थे। हालांकि, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी के नेता अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महायुति के हर सहयोगी दल को विधायी समितियों में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सत्ता के वितरण को लेकर किसी भी प्रकार की रस्साकसी नहीं हो रही है।
शिवसेना और एनसीपी के पास 9-9 समितियां
महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 29 विधायी समितियां हैं, जिनमें से भाजपा ने पहले ही 11 महत्वपूर्ण समितियों पर दबदवा कायम कर लिया है। वहीं, शिवसेना और एनसीपी के पास 9-9 समितियां हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने शिवसेना और एनसीपी को उनके समिति सदस्यों के नाम प्रस्तुत करने के लिए कहा है, लेकिन अब तक उन्होंने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

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