रिटायर्ड JD को लाने की कोशिश नाकाम, CS की सख्ती से मचा हड़कंप
भोपाल। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में ज्वाइंट डायरेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुई सुनीता सिंह को संविदा नियुक्ति दिए जाने का प्रस्ताव कैबिनेट में भेजने के लिए मुख्य सचिव अनुराग जैन को भेजी गई. फाइल सीएस ने यह कहते हुए वापस लौटा दी है कि पहले बताएं कि इस संविदा नियुक्ति की जरुरत क्या है।
सुनीता सिंह सेवानिवृत्त हो चुकी हैं
टीएंडसीपी में ज्वाइंट डायरेक्टर पद पर काम कर रही सुनीता सिंह पिछले महीने सेवानिवृत्त हो चुकी हैं. नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने उन्हें इस पद पर संविदा नियुक्ति देने के लिए प्रस्ताव तैयार किया था।
विभाग ने क्यों प्रस्ताव तैयार किया था ?
विभाग ने इसे प्रशासनिक जरूरत बताते हुए प्रस्ताव तैयार किया था. विभाग की दलील थी कि भोपाल मास्टर प्लान का प्रकाशन बेहद अहम चरण में है और इस काम के लिए सुनीता सिंह का बना रहना जरूरी है. मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सुनीता सिंह ने ही तैयार किया है और वही इसे अंतिम रूप देकर डायरेक्टर को सौंपेंगी इसके बाद ही प्लान सरकार के पास जाएगा और आगे की प्रक्रिया शुरू होगी. इस तर्क के आधार पर उन्हें रिटायरमेंट के बाद संविदा नियुक्ति देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक इस संविदा नियुक्ति के पीछे असल वजह बिल्डर लॉबी का दबाव है जो उन्हें यहां बनाए रखना चाहती है।
कौन हैं सुनीता सिंह?
सुनीता सिंह गणपति बिल्डर के डायरेक्टर विनोद सिंह की बहन हैं. सुनीता सिंह को एक्सटेंशन देने की तैयारी काफी पहले ही कर ली गई थी. राजनीतिक और अफसर शाही स्तर पर सहमति पहले से बन चुकी थी. मास्टर प्लान को सिर्फ औपचारिक वजह बताते हुए सामने रखा जा रहा है. दिसंबर के अंत में जो घटनाक्रम टीएंडसीपी में में चला उससे सुनीता रास्ता निकालने में जुटे अफसर सिंह भी संविदा नियुक्ति के प्रति आश्वस्त थी।
संविदा नियुक्ति देने की जरूरत क्यों ?
मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास जैसे ही वे लगातार अपनी गोपनीय रिपोर्ट और अन्य यह प्रस्ताव पहुंचा सीएस ने यह कहते हुए जरूरी दस्तावेज जुटाने में लगी रही. विभाग में और भी अफसर संविदा नियुक्ति के मामले में छानबीन समिति है, जो मास्टर प्लान पर काम कर सकते है सभी कागजातों की जांच करती है. ऐसे में संविदा नियुक्ति देने की जरूरत क्यों पहले से तैयारी करना जरूरी होता है. यही तैयारी सुनीता सिंह कर रही थी।

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