अयोध्या में जन्मे सपा नेता अवधेश की जीत से भाजपा को झटका
अयोध्या । इस वक्त पूरे देश में सबसे ज्यादा चर्चा फैजाबाद लोकसभा सीट जीतने वाले अवधेश प्रसाद की हो रही है। नौ बार के विधायक अवधेश प्रसाद अब संसद में बैठेंगे। वे कहते हैं कि भगवान राम हम सबके मन में हैं पर भाजपा ने उनके नाम पर व्यापार और राजनीति की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह जन्म से रामभक्त हैं। राम आस्था का विषय हैं राजनीति का नहीं।
उन्होंने कहा कि मेरा जन्म अयोध्या में हुआ है। मैं पैदायशी रामभक्त हूं। पढ़ता था तब भी सभी मंदिरों में जाता था। अब भी सरयू स्नान और पूजा करता हूं। नामांकन से पहले भी हनुमानगढ़ी दर्शन करने गया था और जीत के बाद भी दर्शन करने गया। अब रामलला के भी दर्शन करूंगा। पर कुछ लोग कहते हैं कि वह राम को लाए हैं। भगवान राम तो सदियों से हैं क्या उन्हें कोई ला सकता है? भाजपा ने तो राम के नाम पर सिर्फ राजनीति और व्यापार ही किया है। पूरे देश को ठगा है। अयोध्या के लोगों ने उन्हें सबक सिखाया है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या के लोगों का दुख-दर्द किसी ने नहीं समझा। अयोध्या में हुए निर्माण में कितने मकान-दुकानें तोड़े गए लोग बेरोजगार हो गए। लोगों को मुआवजा भी नहीं मिला। तुलसीदास ने लिखा है कि दैहिक दैविक भौतिक तापा, राम राज नहिं काहुहि ब्यापा। यानी राम के राज में किसी को शारीरिक और किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होगी पर भाजपा के राज में हर अयोध्यावासी को तकलीफ हुई है। इससे नाराज होकर लोगों ने सपा को चुना। मैं संसद में उन्हे मुआवजा देने की आवाज उठाऊंगा।

PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी
चाकसू में NH-52 पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी कार, एमपी के 5 श्रद्धालुओं की मौत
नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
वनांचल में पक्के घरों की क्रांति: छिंदवाड़ा बना केंद्र सरकार का मॉडल जिला
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?