रंगों के त्योहार से पहले बादलों की दस्तक
नई दिल्ली|उत्तर भारत समेत दिल्ली-एनसीआर में मौसम इन दिनों हर सुबह नया रंग दिखा रहा है। होली से पहले ही आसमान और हवा में मौसम के अलग अलग रंग नजर आने लगे हैं। कुछ दिन पहले तक ठंड की हल्की चुभन थी, फिर धूप ने अचानक तेवर बदले और गर्मी का अहसास बढ़ने लगा। अब बारिश और बादलों ने एक बार फिर माहौल को नरम कर दिया है। लेकिन यह राहत मेहमान जैसी है। अगले एक या दो दिन में विदा होगी। इसके बाद गर्मी फिर से तेजी पकड़ने वाली है। इस बार अल नीनो के असर से हीटवेव के दिन भी ज्यादा रहने के संकेत हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि, जल्द ही मौसम साफ होने लगेगा। इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी होगी। वीकेंड तक अधिकतम तापमान दोबारा करीब 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, हालांकि सुबह के तापमान में किसी बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है।मौसम विभाग का अनुमान है, पश्चिमी विक्षोभ के पहाड़ी राज्यों से आगे बढ़ने की उम्मीद है। जबकि राजस्थान और आसपास के इलाकों पर बना चक्रवाती परिसंचरण अभी बना रहेगा। इसके चलते दिल्ली समेत आसपास के क्षेत्रों में, साथ ही उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। हालांकि 19-20 फरवरी के बाद से तापमान में बढ़ोतरी होगी। जबकि दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में 19 फरवरी से मौसम साफ होने लगेगा। व्यापक रूप से बारिश की गतिविधियां खत्म हो जाएंगी। इसके बाद तापमान फिर तेजी से बढ़ेगा और आने वाले वीकेंड तक अधिकतम तापमान दोबारा करीब 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, फिलहाल पहाड़ी इलाकों पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह सिस्टम पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए मध्य राजस्थान से गुजर कर दिल्ली क्षेत्र के करीब पहुंचा। जिससे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल गया। फरवरी में लंबे समय तक सूखे जैसे हालात रहने के बाद बुधवार सुबह दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश दर्ज की गई। महीने के करीब तीन हफ्ते बीतने के बाद दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में हल्की, लेकिन राहत देने वाली बारिश हुई। 19 फरवरी से मौसम साफ होने की संभावना है और अच्छी धूप निकलेगी। इसके बाद दिन के तापमान में फिर से बढ़ोतरी होगी। आने वाला वीकेंड गर्म रहने का अनुमान है।
इन राज्यों में भी बदल सकता है मौसम
भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी से सटे इलाकों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से करीब 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़कर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और भूमध्य रेखीय समुद्री क्षेत्र में और मजबूत होने की संभावना है। जबकि एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य पाकिस्तान और आसपास के पंजाब क्षेत्र पर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। जो 3.1 से 5.8 किमी ऊंचाई के बीच स्थित है। वहीं, प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण पंजाब और आसपास के इलाकों पर बना हुआ है। जो 1.5 किमी ऊंचाई तक फैला है। एक ट्रफ रेखा दक्षिण-पूर्व अरब सागर से उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश तक, गुजरात और दक्षिण-पूर्व राजस्थान होते हुए 1.5 किमी ऊंचाई तक फैली है।स्काईमेट के मुताबिक, 19 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश बारिश और बर्फबारी की संभावना है। जबकि उत्तराखंड में भी छिटपुट वर्षा और हिमपात हो सकता है। वहीं, पंजाब,चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में कहीं कहीं हल्की बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।मध्य प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएँ चलने की संभावना है।

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