राजकीय गीत पर कॉपीराइट का दावा, सरकार से स्पष्टीकरण की मांग
छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत अरपा पैरी के धार… को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। इसके कॉपीराइट को लेकर राज्य के कलाकारों और संगीत प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे लेकर वे काफी आक्रोशित भी हैं। सोशल मीडिया में इसे लेकर बहस शुरू हो गई हैं।
सुंदरानी चैनल से मिल रहा कॉपीराइट
प्रसिद्ध लोक कलाकार व संगीत नाट्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित राकेश तिवारी के अनुसार, यूट्यूब में अरपा पैरी के धार… गाना अपलोड करने पर सुंदरानी चैनल से कॉपीराइट मिलने लगा है। कलाकारों का कहना है कि कोई भी चैनल कैसे इसके लिए अपना दावा कर सकता है? क्या उन्हें गीत के रचनाकार रचना नरेंद्र देव वर्मा ने अधिकार दिया हैं?
इसे लेकर शुरू करेंगे अभियान
ये समझ नहीं आया, क्योंकि ये गीत तो किसी और ने लिखा है और कई लोगों ने इस गीत को गाया भी है तो किसी का कॉपीराइट या अधिकार इसमें कैसे हो सकता है। अब मैं जल्द ही एक अभियान शुरू करने जा रहा हूं जिसमें गीतों के उत्तराधिकारी से मिलकर इसपर चर्चा करूंगा। उन्होंने कहा कि अरपा पैरी के धार राजगीत है। उसमें किसी को भी कॉपीराइट नहीं लगाना चाहिए। 4 माह पहले अपलोड किए गए गाने के नाम पर कॉपीराइट सामने आ रहा है। ऐसा नहीं होना चाहिए।

मौसम की मार: जम्मू-कश्मीर में 32 मौतें, कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा
लापरवाही बनी काल, खुले सेप्टिक टैंक में गिरा 3 वर्षीय बच्चा, मौत से मातम
छात्रों के हित में योगी का बड़ा बयान, माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले- इस वजह से मन है दुखी
रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की खबरों पर लगा ब्रेक, BCCI ने साफ कर दी पूरी तस्वीर
पहली जीत के लिए तरस रही टीम को मिली राहत, श्रेयस अय्यर पर पूर्व क्रिकेटर का बड़ा कमेंट
घर में बनाएं फ्रेश तंदूरी मसाला, खाने का स्वाद हो जाएगा दोगुना
बैंगन पसंद नहीं करने वाले बच्चे भी खाएंगे चाव से, ट्राई करें ये 3 आसान रेसिपी
सावधान! नंबर मिलाने की कोशिश बनी ठगी का कारण, पीड़ित के खाते से गायब हुए पैसे