ट्रंप का विदेशी शत्रु अधिनियम पर संघीय कोर्ट ने उठाया सवाल, रोक का आदेश
वाशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निर्वासन में तेजी लाने के लिए 1798 के विदेशी शत्रु अधिनियम को लागू करते हुए कहा कि अमेरिका एक आपराधिक संगठन से आक्रमण का सामना कर रहा है, जो अपहरण, जबरन वसूली, संगठित अपराध और अनुबंध हत्याओं से जुड़ा है।
यह कदम वेनेजुएला के गिरोह ट्रेन डे अरागुआ के कथित सदस्यों के निर्वासन में तेजी लाने के लिए उठाया गया। हालांकि, आदेश के कुछ समय बाद ही एक संघीय न्यायाधीश ने युद्धकालीन कानून के इस्तेमाल के तहत होने वाले किसी भी निर्वासन को 14 दिनों के लिए अस्थायी रूप से रोक दिया है।
अधिनियम में राष्ट्रपति की घोषणा के लिए आधार नहीं
न्यायाधीश जेम्स बोसबर्ग ने कहा कि अधिनियम राष्ट्रपति की घोषणा के लिए आधार प्रदान नहीं करता, क्योंकि आक्रमण शब्द वास्तव में किसी भी राष्ट्र द्वारा किए गए शत्रुतापूर्ण कृत्यों से संबंधित है। अधिनियम को लागू करते हुए ट्रंप ने कहा था कि गिरोह के सदस्य राष्ट्र को अस्थिर करने के लिए शत्रुतापूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं।
इस अधिनियम का उपयोग केवल युद्ध के समय किया जाता है। यह राष्ट्रपति को खतरे के रूप में चिह्नित प्रवासियों के उचित प्रक्रिया अधिकारों को दरकिनार करने और तेजी से निर्वासित करने की अनुमति देता है।
वेनेजुएला सरकार ने भी की निंदा
अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन के वकील ली गेलरेंट ने कहा कि हम बहुत खतरनाक स्थिति में हैं, जब प्रशासन युद्धकालीन अधिकार का उपयोग आव्रजन उद्देश्यों या किसी अन्य गैर-सैन्य उद्देश्य के लिए करने की कोशिश करने जा रहा है, जब हम शांति में हैं।
वहीं, वेनेजुएला सरकार ने रविवार को अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के गिरोह ट्रेन डी अरागुआ के 200 से अधिक कथित सदस्यों को अल साल्वाडोर निर्वासित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले युद्धकालीन कानून के क्रियान्वयन की कड़ी निंदा की है।
इस बीच, अमेरिकी-अरब भेदभाव विरोधी समिति ने मुकदमा दायर कर ट्रंप प्रशासन के उस कदम को चुनौती दी है, जिसमें फलस्तीनी अधिकारों के लिए विरोध करने या समर्थन व्यक्त करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों और विद्वानों को निर्वासित करने की बात कही गई है। यह कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्र महमूद खलील की हिरासत के बाद आया है।

मनोरंजन जगत में शोक, 18 वर्षीय अभिनेत्री केली हॉटल का सड़क दुर्घटना में निधन
बाढ़ बनी आफत, लखीमपुर खीरी में सड़कें डूबीं; 12 से अधिक गांवों का संपर्क बाधित
विपक्ष के हंगामे से संसद की कार्यवाही प्रभावित, दोनों सदनों में नहीं चल सका कामकाज
हरारे की पिच पर क्या कहता है रिकॉर्ड? बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए कैसी रहेगी चुनौती?
काले कपड़ों में सांसदों का विरोध, संसद परिसर में बढ़ी राजनीतिक हलचल
सीएम थलपति ने NEET को बताया समस्या की जड़, परीक्षा खत्म करने की रखी मांग
बालेन शाह के बदले तेवर, भारत और चीन के राजदूतों से जल्द होगी बैठक
NEET विवाद की गूंज एमपी विधानसभा में, कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
CJP प्रदर्शन में शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ी, अस्थमा अटैक के बाद दी हेल्थ अपडेट
103 अपात्र कर्मचारियों को लेकर नया विवाद, नियमों के उल्लंघन का आरोप