महोबा में 20 करोड़ के जी एस टी घोटाले का हुआ भंडाफोड़
महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में ब्यापार कर विभाग द्वारा 20 करोड़ से अधिक के जी एस टी घोटाले का भंडाफोड़ किये जाने से ह्ड़कंप मचा है.
उपायुक्त राज्य कर नीरज सेंगर ने बताया की जिले में पांच बड़ी ब्यावसायिक फर्मो द्वारा ठेकेदारों से मिल कर किये गए इस बड़े घोटाले में वास्तविक लेनदेन किये बगैर फर्जी बिल बाउचर लगाकर शासन को दिए जाने वाले टेक्स की चोरी की है. इन फर्मो में कामदगिरी ट्रेडर्स, अतुल बाबू, पीतांबरा सप्लायर्स,प्रेम बिल्डिंग सप्लायर्स आदि शामिल है. जिन्होंने फर्जी बिल बाउचर लगाकर करोड़ो की हेराफेरी की.सम्बन्धित फर्मो द्वारा किसी प्रकार की सामग्री की खरीद बिक्री नहीं की गई और बिल जारी कर दिए गए.
उपायुक्त ने बताया की पूरा प्रकरण एक जांच में उजागर हुआ. जिसमे यह स्पस्ट है की ठेकेदारों ने उक्त बिल बाउचर लगा कर जी एस टी का लाभ तो लिया लेकिन फर्मो द्वारा यह धनराशि सरकारी खजाने में जमा नहीं की गयी.मामले में सभी फर्मो को ब्लेक लिस्ट कर दिया गया है.इस प्रकरण में विभागीय जांच के अलावा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर पुलिस उपअधीक्षक हर्षिता गंगवार द्वारा अलग से जांच की जा रही है.जांच में कुछ और फर्मो के इस घोटाले में शामिल होने की संभावना है.
उल्लेखनीय है की फर्जी फर्म बनाकर टेक्स चोरी का महोबा जिले में प्रकाश में आया यह बड़ा मामला है. इन फर्मो द्वारा जिले की लगभग सभी ग्राम पंचायतो समेत विभिन्न संस्थाओ को सामग्री आपूर्ती करने की बात प्रकाश में आई है.

हथियार छोड़ मुख्यधारा में लौटे KCP के 46 उग्रवादी, मणिपुर में शांति की नई उम्मीद
सीएम मोहन यादव का बड़ा वादा पूरा, UCC बिल विधानसभा से पास; जानिए आपके लिए क्या बदलेगा
5.10 अरब रुपये के हर्जाने की मांग से Vedanta की बढ़ी मुश्किलें
एमपी विधानसभा में UCC बिल पारित, समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बड़ा कदम
इस्तीफे की मांग पर अड़े राहुल, पीएम आवास के बाहर जारी रहेगा धरना
राहुल गांधी के साथ कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्र सरकार पर साधा निशाना, PM के इस्तीफे की मांग
रीवा में रीलबाज बदमाशों पर पुलिस का शिकंजा, दो गिरफ्तार; 8 अवैध तमंचों की बड़ी बरामदगी
जबलपुर में नवविवाहिता की आत्महत्या, दमोह से मायके आने के बाद उठाया कदम
UCC पर सीएम मोहन यादव की दो टूक- 'सबके लिए एक समान कानून'
इंदौर में मेट्रो पर नया विवाद, सर्विस चार्ज को लेकर नगर निगम ने भेजा 8 करोड़ का नोटिस