5 साल में सबसे बड़ा डिविडेंड, HPCL के शेयरों में तेजी
नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल दिग्गज हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के निवेशकों के लिए आज का दिन खुशियां लेकर आया है। कंपनी द्वारा मार्च 2026 तिमाही के शानदार वित्तीय नतीजे पेश करने और पिछले पांच वर्षों के सबसे बड़े लाभांश की घोषणा के बाद इसके शेयरों में जबरदस्त लिवाली देखी गई। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयरों ने रफ्तार पकड़ी और एक समय यह 5 प्रतिशत से भी ज्यादा की छलांग लगाने में सफल रहा। हालांकि ऊपरी स्तरों पर कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली का रास्ता चुना जिससे कीमतों में हल्की गिरावट जरूर आई लेकिन मजबूत बुनियादी आधार के कारण स्टॉक अब भी ठोस बढ़त के साथ हरे निशान में बना हुआ है।
तिमाही मुनाफे में जोरदार उछाल और बेहतर मार्जिन
मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही के दौरान हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने अपने शुद्ध मुनाफे में तिमाही आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है जो अब बढ़कर 4,901 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। राजस्व के मोर्चे पर कंपनी ने 1.15 लाख करोड़ रुपये का कारोबार किया है जो पिछली तिमाही के लगभग बराबर ही रहा लेकिन परिचालन स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा है। परिचालन लाभ में 28 प्रतिशत की शानदार बढ़त देखने को मिली है और मार्जिन में भी 170 बेसिस प्वाइंट्स का सुधार हुआ है जो यह दर्शाता है कि कंपनी अपनी लागत और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में सफल रही है।
पांच वर्षों का सबसे बड़ा डिविडेंड और सरकार को बड़ा लाभ
शानदार कारोबारी नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 19 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा कर उन्हें बड़ा तोहफा दिया है। यह पिछले पांच वर्षों में घोषित किया गया सबसे तगड़ा लाभांश है जिसने निवेशकों के उत्साह को और बढ़ा दिया है। इस घोषणा का सबसे बड़ा फायदा भारत सरकार को मिलेगा जिसकी कंपनी में करीब 55 प्रतिशत की हिस्सेदारी है और इस नाते सरकारी खजाने में लाभांश के रूप में 2,219 करोड़ रुपये की बड़ी राशि जमा होगी। इससे पहले के वर्षों में कंपनी ने अलग-अलग समय पर लाभांश दिए थे लेकिन वर्तमान घोषणा ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार और शेयरों की भविष्य की चाल
वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी के ग्रास रिफाइनिंग मार्जिन में भी बड़ी बढ़त देखी गई है जो प्रति बैरल 8.79 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा काफी कम था। कच्चे तेल को फिनिश्ड उत्पादों में बदलने से होने वाले इस मुनाफे ने कंपनी की बैलेंस शीट को काफी मजबूती प्रदान की है। हालांकि पिछले एक साल के दौरान शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है जहां जनवरी 2026 में शेयर अपने शिखर पर थे और मार्च आते-आते रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गए थे लेकिन वर्तमान रिकवरी ने निवेशकों को एक बार फिर लंबी अवधि के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।

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