ईरान का बयान: तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ेगा असर
ईरान। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते भारत भी तेल-गैस के संकट से जूझ रहा है. देश के कई शहरों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें लगाई जा रही हैं. कई बार बुकिंग करने के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा. इसी बीच खबर है कि जल्द ही भारत को इस किल्लत से राहत मिल सकती है. भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने शुक्रवार को कहा कि जल्द ही भारतीय समुद्री जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर सुरक्षित रास्ता मिल सकता है।
भारत और ईरान के रिश्ते पर जोर
इस बातचीत के दौरान उन्होंने भारत और ईरान के रिश्ते पर जोर दिया. विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही का कहना है कि इस संबंध में चर्चा चल रही है और जल्द ही तेल-गैस और अन्य उर्जा संसाधनों में भारत को राहत मिलने की उम्मीद हैं. उन्होंने ये भी कहा कि इस क्षेत्र में युद्ध को रोकने के लिए दुनिया के नेताओं को मिलकर कूटनीतिक प्रयास करने होंगे।
क्या चाहता है अमेरिका ?
दूसरी तरफ मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को नौसैनिक सुरक्षा (एस्कॉर्ट) देने के लिए पूरी तरह तैयार है. संभावनाएं हैं कि इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है. व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी अन्ना केली ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को बताया है कि ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगर जरूरी लगा, तो होर्मुज से अमेरिकी नौसेना के एस्कॉर्ट उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।’

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