डिजिटल मनोरंजन में नया कीर्तिमान: जियो-हॉटस्टार के उपभोक्ता संख्या ने 20 करोड़ को पार किया
जियोहॉटस्टार के उपभोक्ताओं की संख्या शुक्रवार को 20 करोड़ के पार पहुंच गई। इस ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म की कामयाबी में मौजूदा आईपीएल का अहम योगदान रहा है। एक सूत्र के अनुसार जियोहॉटस्टार दुनिया के सबसे बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म में शुमार हो गई।
सूत्र के अनुसार जब 14 फरवरी को जियोहॉटस्टार के रूप में इस ओटीटी प्लेटफॉर्म की शुरुआत हुई थी तब उसके 5 करोड़ उपभोक्ता थे और 22 मार्च को आईपीएल शुरू होने के कुछ ही दिनों के भीतर इसके उपभोक्ताओं की संख्या 10 करोड़ पार कर गई।
कंपनी ने अपने ओटीटी उपभोक्ताओं की संख्या पर तो कुछ नहीं कहा मगर जियोस्टार के मुख्य कार्याधिकारी (खेल) संजोग गुप्ता ने बताया, ‘20 लाख से अधिक घरों में परंपरागत टेलीविजन पर हमारा ओटीटी देखा जा रहा है। आईपीएल के कारण पिछले तीन हफ्तों के दौरान पे टीवी खंड में भी हम 20 लाख से अधिक घरों में पहुंच चुके हैं। ‘
सूत्र ने कहा कि आईपीएल के पहले 24 मैचों में जियोहॉटस्टार को डिजिटल (मोबाइल और कनेक्टेड टीवी) प्लेटफॉर्म पर 800 करोड़ से अधिक व्यू मिले। यह आंकड़ा आईपीएल 2024 के जीवंत डिजिटल व्यू और मैच देखने पर बिताए गए समय की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है। गुप्ता ने कहा कि आईपीएल में अंतरराष्ट्रीय विज्ञापनदाता भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। पहले ये अंतरराष्ट्रीय विज्ञापनदाता अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के लिए जियोस्टार नेटवर्क से जुड़े रहे थे।
गुप्ता ने कहा, ‘दुनिया में क्रिकेट के एक प्रमुख टूर्नामेंट के रूप में आईपीएल की पहचान बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर के विज्ञापनदाताओं की दिलचस्पी काफी बढ़ी है। ये अंतरराष्ट्रीय विज्ञापनदाता भी आईपीएल की लोकप्रियता को देखते हुए क्रिकेट के इस भव्य आयोजन से जुड़ना चाहते हैं। आईपीएल ने विज्ञापन राजस्व और सबस्क्रिप्शन दोनों जुटाने के मामले में अहम योगदान दिया है।‘

एनजीओ की आड़ में काला खेल? लड़कियों पर जबरन थोपी जा रही थीं धार्मिक बातें
टीम इंडिया के भविष्य पर अय्यर का भरोसा, वैभव को बताया खास खिलाड़ी
पुराना पुल होगा जमींदोज: एमपी सड़क विकास निगम ने शुरू की फोरलेन ब्रिज की तैयारी
BCCI का मास्टर प्लान: अलग-अलग सीरीज में दिखेंगी दो भारतीय टीमें
खरगे का तंज: बंगाल की चुनावी रैलियों में ही क्यों व्यस्त रहते हैं प्रधानमंत्री
जस्टिस विक्रमनाथ की पीठ करेगी सुनवाई: अमित जोगी की याचिका पर 23 अप्रैल को होने वाली जिरह पर टिकीं उम्मीदें।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर मंडराया संकट, रिफाइनरी में आग के बाद युद्धस्तर पर बचाव कार्य
सॉफ़्टवेयर की गलती या सुरक्षा में चूक? डिजिटल जनगणना के नक्शे में अरुणाचल पर बड़ी गलती
फाइल के बदले बादाम: तिफरा ऑफिस में एक साल की देरी पड़ी भारी, वीडियो देख हरकत में आया प्रशासन।