दिनदहाड़े किडनैपिंग और मारपीट, न्याय के लिए भटक रहे पीड़ित
मऊगंज: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में कानून और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ पुरानी दुश्मनी के चलते पांच रसूखदार बदमाशों ने दिनदहाड़े दो दोस्तों को अगवा कर लिया और अलग-अलग सुनसान जगहों पर ले जाकर उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। अपहरण, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी जैसे संगीन जुर्म होने के बाद भी पीड़ित पक्ष को न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं और पुलिस सीमा विवाद का हवाला देकर मामले को टाल रही है।
रास्ता रोककर हथियार के बल पर किया अगवा
प्राप्त विवरण के मुताबिक, ग्राम खैरही का रहने वाला अजीत पटेल (22) दोपहर के वक्त तकरीबन 2 बजे अपने मामा के घर महुगढ़ जाने के लिए निकला था। अभी वह देवरा मंदिर से थोड़ा आगे ही पहुंचा था कि तभी दो मोटरसाइकिलों पर आए पांच नकाबपोश युवकों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। आरोप है कि ये गुंडे उसे जबरन उठाकर देवतालाब इलाके के जुड़मनिया बगीचे में ले गए। वहां बदमाशों ने अजीत की छाती पर चाकू और अन्य धारदार हथियार अड़ा दिए और पेड़ से बांधकर डंडों, लात-घूंसों से अधमरा होने तक पीटा।
दोस्त को भी झांसा देकर बुलाया और कमरे में किया बंद
आरोपियों की प्रताड़ना यहीं खत्म नहीं हुई। उन्होंने अजीत के मोबाइल से उसके दोस्त करण शर्मा (18, निवासी पुरैनी) को फोन लगवाया और गाड़ी का पेट्रोल खत्म होने का झूठा बहाना बनाकर उसी बगीचे में बुला लिया। करण जैसे ही वहां पहुंचा और दोस्त की हालत देखकर भागने की कोशिश करने लगा, बदमाशों ने उसे खदेड़कर दबोच लिया। बगीचे में बेरहमी से पीटने के बाद आरोपी उसे पथरिया क्षेत्र के एक सुनसान मकान में ले गए, जहां उसे एक बंद कमरे में बंधक बनाकर घंटों शारीरिक यातनाएं दी गईं।
क्षेत्राधिकार के चक्कर में उलझी रही पुलिस
इसी दौरान मौका पाकर अजीत किसी तरह बदमाशों की गिरफ्त से भाग निकला और सीधे अपने घर पहुंचकर आपबीती सुनाई। सहमे हुए परिजन दोनों लहूलुहान युवकों को लेकर सबसे पहले नईगढ़ी थाने पहुंचे, लेकिन वहां की पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि घटना स्थल लौर थाना क्षेत्र में आता है। इसके बाद जब रोते-बिलखते परिजन घायलों को लेकर लौर थाने पहुंचे, तो वहां भी उन्हें टरका दिया गया और रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
इस मामले में सबसे बड़ा प्रशासनिक सवाल यह उठता है कि किडनैपिंग और बंधक बनाकर जानलेवा हमला करने जैसी बड़ी वारदात पर भी खाकी इतनी संवेदनहीन क्यों बनी हुई है? क्या पुलिस थानों की सीमा का विवाद पीड़ितों के जख्मों और न्याय से बड़ा हो गया है? फिलहाल, स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज होकर पीड़ित परिवार ने मऊगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) के दफ्तर पहुंचकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है, जबकि इस घटना को लेकर पूरे इलाके के नागरिकों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।

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