खिलाड़ियों और फैंस में फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के 2025 चुनाव अब गंभीर विवादों में घिर गए हैं। बांग्लादेश सरकार द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह संदिग्ध बताया है। पूर्व जज ए.के.एम. असदुज्जमान की अगुआई वाली पांच सदस्यीय समिति ने खेल मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट में कहा कि चुनाव में वोटर डराए गए, नियमों का उल्लंघन हुआ और निष्पक्षता पूरी तरह गायब थी।
'चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं था'
सरकारी रिपोर्ट पेश करते हुए खेल निदेशक मोहम्मद अमीनुल अहसान ने साफ कहा, 'चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष या पारदर्शी नहीं थी। मतदाताओं को डराया गया और प्रक्रियागत गड़बड़ियां बड़े स्तर पर हुईं।' उन्होंने यह भी बताया कि सरकार के पास बोर्ड को भंग करने के पर्याप्त आधार हैं।
अमीनुल इस्लाम पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
पूर्व बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल पर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच में पाया गया कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल कर 10 काउंसिलरों को मनमाने तरीके से नामित किया। रिपोर्ट में कहा गया, 'बीसीबी अध्यक्ष को एकतरफा तरीके से 10 पूर्व क्रिकेटरों को काउंसिलर बनाने का अधिकार नहीं था। यह संविधान का उल्लंघन और सत्ता का दुरुपयोग है।' इसके अलावा, नजमुल आबेदीन फहीम के साथ मिलकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के भी आरोप सामने आए हैं।
ई-वोटिंग में भी गड़बड़ी के सबूत
जांच समिति ने ई-वोटिंग प्रक्रिया को भी संदिग्ध बताया। रिपोर्ट के अनुसार, वोटिंग एक ही जगह से कराई गई और गोपनीयता का पालन नहीं हुआ। रिपोर्ट में कहा गया, 'ई-वोटिंग एक निर्धारित स्थान पर कराई गई, जहां वोट की गोपनीयता नहीं रखी गई। यह लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे वोटिंग में हेरफेर की आशंका बढ़ती है।' समिति ने इसे प्री-प्लान्ड वोट रिगिंग करार दिया।
तमीम इकबाल बने नए अध्यक्ष
इस बड़े विवाद के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बीसीबी बोर्ड को भंग कर दिया और 11 सदस्यीय एडहॉक कमेटी का गठन किया है। पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को इस नई समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि तमीम ने चुनाव से पहले ही अमीनुल पर सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे।
संज्ञान में नहीं लिया गया सहयोग
जांच समिति ने यह भी बताया कि बीसीबी के कई शीर्ष अधिकारियों ने जांच में सहयोग नहीं किया। अमीनुल इस्लाम ने आमने-सामने पेश होने के बजाय लिखित जवाब देना ही उचित समझा।
बांग्लादेश क्रिकेट पर गहरा असर
इस पूरे विवाद ने बांग्लादेश क्रिकेट की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में नई कमेटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पारदर्शिता बहाल करने और सिस्टम में भरोसा लौटाने की होगी। अब देखना होगा कि तमीम इकबाल की अगुवाई में बांग्लादेश क्रिकेट इस संकट से कैसे उबरता है और क्या वह खेल की छवि को फिर से मजबूत बना पाता है।

राजनांदगांव बनेगा औद्योगिक विकास का नया केंद्र? फर्टिलाइजर प्लांट को लेकर CM साय ने कही बड़ी बात
PM मोदी ने दी धार को बड़ी सौगात, जोबट-टांडा रोड रेलखंड का हुआ लोकार्पण
दारा सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, सजा माफी पर जल्द फैसला लेने के निर्देश
‘बच्चियों को पैदल निकलना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं’, CM साय ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश
भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत पर एलएनसीटी विश्वविद्यालय में हुआ मंथन
एफिल टावर विवाद, चीन और पाकिस्तान… MEA ने एक साथ कई मुद्दों पर खोला सरकार का रुख
सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्रों का गुस्सा, कुलपति के कार्यक्रम में NSUI का प्रदर्शन
स्टाइपेंड की मांग पर घमासान, JDA ने इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में बढ़ाया आंदोलन
PM मोदी के कार्यक्रम से पहले बड़ी सुरक्षा चूक? बंदूक के साथ दो संदिग्ध हिरासत में
नेपाल त्रासदी की खौफनाक तस्वीर, पुल टूटे तो कई इलाकों का संपर्क कटा