बंगाल के मदरसों के लिए नया नियम, ‘वंदे मातरम’ होगा जरूरी
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। पिछले 24 घंटों के भीतर उन्होंने दो बेहद बड़े और कड़े फैसले लिए हैं, जिनकी चर्चा इस समय पूरे देश में हो रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के कई फैसलों को पलटते हुए शासन व्यवस्था को लेकर नए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
सभी मदरसों में 'वंदे मातरम' गाना हुआ अनिवार्य
सुवेंदु सरकार ने राज्य के भीतर संचालित होने वाले सभी सरकारी और प्राइवेट मदरसों में अब 'वंदे मातरम' का गायन अनिवार्य कर दिया है। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, अब सभी मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान वंदे मातरम गाना जरूरी होगा। राज्य के मदरसा शिक्षा निदेशालय ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। यह नया नियम सरकारी मॉडल मदरसे, सरकारी सहायता प्राप्त मदरसे, मंजूरशुदा MSKS और SSKS के साथ-साथ मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त मदरसों पर भी पूरी तरह लागू रहेगा।
सरकारी कर्मचारियों की मीडिया बयानबाजी पर पूरी रोक
मदरसों से जुड़े फैसले के साथ ही सुवेंदु सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए भी एक बड़ा आदेश जारी किया है। नए नियम के तहत अब कोई भी सरकारी कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के मीडिया में किसी भी तरह की बयानबाजी नहीं कर सकेगा। कर्मचारियों के अखबारों में लिखने और टीवी चैनलों पर जाकर बोलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। सरकार का यह नया फरमान राज्य के सभी सरकारी स्कूल-कॉलेजों के शिक्षकों, प्रोफेसरों और अन्य सभी कर्मचारियों के लिए मानना बेहद जरूरी कर दिया गया है।
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ने खुद साझा किया आदेश
मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्य करने से जुड़ी यह अधिसूचना राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई थी। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस सरकारी आदेश (नोटिफिकेशन) की कॉपी को जनता के साथ साझा किया। मुख्यमंत्री के इन ताबड़तोड़ और बड़े फैसलों ने राज्य की प्रशासनिक और राजनैतिक हलचल को काफी तेज कर दिया है।

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