उर्वरक विक्रय में अनियमितता के मामले में पांच संस्थानों को नोटिस
रायपुर : किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं नकली खाद के विक्रय पर रोक लगाने हेतु मुंगेली जिले में कृषि विभाग के अधिकारियों, उर्वरक निरीक्षकों की टीम द्वारा सतत निरीक्षण एवं कार्यवाही की जा रही है। जिले के विभिन्न कृषि केन्द्रों का औचक निरीक्षण के दौरान उर्वरक विक्रय में अनियमितता पाए जाने पर तीन कृषि केन्द्रों - साहू कृषि केन्द्र मोहडंडा, पटेल कृषि केन्द्र मोहडंडा एवं मॉं महामाया कृषि केन्द्र देवरहट के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।
कृषि उपसंचालक एम.आर. तिग्गा ने जानकारी दी कि उक्त तीनों केन्द्रों के अतिरिक्त साहू कृषि केन्द्र खपरीकला एवं सत्येन्द्र कृषि केन्द्र तरकीडीह सहित प्रतिबंधित केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि उर्वरक का विक्रय केवल निर्धारित दर पर एवं पॉस मशीन के माध्यम से ही किया जाए। कृषकों को उर्वरक के साथ अन्य सामग्री लेने हेतु बाध्य न किया जाए तथा दुकान में दैनिक स्टॉक एवं मूल्य सूची का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य रूप से किया जाए। निरीक्षण दल में राजेश साहू, लोकेश कोशले, योगेश दुबे (निरीक्षक), उमेश दीक्षित (निरीक्षक) एवं सहायक भीष्म राव भोसले भी उपस्थित रहे।

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