Prithvi Shaw का छलका दर्द
नई दिल्ली। स्टार क्रिकेटर पृथ्वी शॉ काफी समय से टीम से बाहर चल रहे हैं। साल 2018 में भारत के लिए डेब्यू करते हुए उन्होंने पहले ही टेस्ट मैच में शतक जड़कर खूब सुर्खियां बटोरी थी, लेकिन तीन साल के अंदर ही वह टीम से बाहर हो गए।
साल 2021 के बाद अब पृथ्वी को मुंबई क्रिकेट टीम से भी बाहर हो गए थे। उन्हें आईपीएल 2025 में भी किसी फ्रेंचाइजी ने खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
25 साल के इस क्रिकेटर ने दिए इंटरव्यू में अपने संघर्षों भरे दिन पर खुलकर बात की। उन्होंने ये भी कहा कि इस मुश्किल समय में सिर्फ एक क्रिकेटर के अलावा उन्हें बड़े क्रिकेट्स ने फोन भी नहीं किया।
पृथ्वी शॉ ने अपने बुरे दौर को लेकर किया बड़ा खुलासा
दरअसल, 25 साल के पृथ्वी शॉ ने भारत के लिए पांच टेस्ट और 6 वनडे मैच खेले है। उन्हें 2021 के बाद से टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। फिर उन्हें मुंबई रणजी टीम से ड्रॉप किया गया। वहीं, आईपीएल 2025 मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड होने के बाद वह लीग का हिस्सा नहीं बन पाए।
अब उन्होंने अपने संघर्षों के बीच बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जब वह करियर में बुरे दौर से गुजर रहे थे, तब सिर्फ ऋषभ पंत और सचिन तेंदुलकर ने उन्हें फोन किया। उनके सिवा किसी बड़े क्रिकेटर ने उन्हें इस मुश्किल समय में याद नहीं किया।
पृथ्वी ने आगे कहा कि सचिन तेंदुलकर मेरे संघर्ष के बारे में जानते हैं, क्योंकि उन्होंने मुझे अर्जुन तेंदुलकर के साथ शुरुआत से देखा है। मैं उनके घर भी गया हूं।
पृथ्वी ने ये भी स्वीकार किया कि उन्होंने कई गलत फैसले लिए और क्रिकेट को कम समय देना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा,
मैंने जीवन में कई गलत फैसले लिए हैं। मैंने क्रिकेट को कम समय देना शुरू कर दिया। मैं पहले बहुत अभ्यास करता था। नेट्स में 3-4 घंटे बल्लेबाजी करता था। मुझे थकावट महसूस नहीं होती थी। मैं आधा दिन मैदान पर बिताता था, लेकिन धीरे-धीरे मेरा ध्यान भटकने लगा। - पृथ्वी शॉ

भारी बारिश से बेहाल गुवाहाटी, प्रशासन अलर्ट पर और लोग परेशान
करोड़ों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, PF खाते में जमा हुआ ब्याज का अमाउंट
कच्चे तेल की राजनीति या कूटनीतिक टकराव? ईरान-सऊदी तनाव पर नया दावा
पेपर लीक रोकने में नाकामी पर SC का सवाल, केंद्र से मांगा ठोस रोडमैप
टीम इंडिया दूसरे टी20 में उतरेगी जीत की तलाश में, जानें कब शुरू होगा मैच
चीन-पाकिस्तान दोस्ती फिर आई काम, आर्थिक संकट में मिला बड़ा सहारा
मोबाइल के बढ़ते असर पर सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी, संयुक्त परिवार की भूमिका बताई जरूरी
डरावना मगरमच्छ नहीं, गांव का साथी था गंगाराम; भावुक कर देगी इसकी कहानी
शिक्षकों की बर्खास्तगी, हॉस्टल भोजन पर सवाल और छात्रों का हंगामा, कैंपस में बढ़ा तनाव
ATM ठगी का नया तरीका, कार्ड बदलकर खाते से निकाली गई हजारों की रकम