कैशलेस इकोनॉमी की ओर देश, ATM की जरूरत पर सवाल, बंद होने का डर
देश में ATM की संख्या लगातार घट रही है पिछले एक साल के दौरान ही देश में 2 हजार ATM कम हो चुके हैं. ऐसा नहीं है कि ATM हटाए जा रहे हैं या बैंक नए ATM नहीं लगा रहे, बल्कि इसकी वजह बेहद दिलचस्प है दरअसल अब लोगों को ATM से पैसे निकालने की जरूरत ही नहीं पड़ती है. लोगों का व्यवहार ATM को लेकर लगातार बदल रहा है और अगर ऐसा ही रहा तो एक दिन ऐसा आ सकता है जब आपको कहीं भी ATM नहीं दिखेंगे.
आज के समय में लोग तेजी से डिजिटल पेमेंट की तरफ रुख कर रहे हैं, इससे उन्हें जेब कैश रखने की जरूरत नहीं पड़ती है. देश में तेजी से यूपीआई के जरिए डिजिटल लेन देन का चलन बढ़ा है. गांव से लेकर शहर तक और सब्जी की दुकान से लेकर मॉल की शॉप तक पर QR कोड आपको नजर आ जाएगा. इसकी वजह से ही लोगों ने कैश रखना कम कर दिया है. इसलिए लोग अब पैसे निकालने के लिए एटीएम नहीं जा रहे हैं, क्योंकि उनके लेन-देन का काम अब ऑनलाइन हो जा रहा है.

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