जनता और अधिकारियों के बीच उठे सवाल, फैसले पर आलोचना
मध्य प्रदेश के भिंड जिले| के मेहगांव में आयोजित “संकल्प से समाधान” जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है. सरकारी कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला की अनुपस्थिति में अधिकारियों ने उनके बेटे आलोक शुक्ला को मुख्य भूमिका में रखते हुए हितग्राहियों को योजनाओं के प्रमाण पत्र वितरित करा दिए. इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं|
मंत्री की अनुपस्थिति में बदला निर्णय
बताया जा रहा है कि सोमवार को आयोजित इस शिविर में मुख्य अतिथि के तौर पर स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला को शामिल होना था, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके. ऐसी स्थिति में आमतौर पर जिम्मेदारी किसी अन्य अधिकृत जनप्रतिनिधि या वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाती है, मगर यहां अधिकारियों ने अलग फैसला लेते हुए मंत्री के बेटे को ही मंच पर बुला लिया|

25 दिनों से जारी धरने ने पकड़ी रफ्तार, मध्य प्रदेश के 20 जिलों में छात्र आंदोलन
डीपफेक वीडियो पर सख्त हुए पीयूष गोयल, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
भगवान जगन्नाथ की बहुड़ा रथ यात्रा में कई श्रद्धालु हुए बीमार
खेत में जहरीले मक्का के दाने बिखेरना पड़ा भारी, पांच मोरों की मौत के बाद गिरफ्तारी
वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले वीडियो में पीएम मोदी ने युवाओं से क्या कहा?
मध्य प्रदेश में लगातार बारिश का सिलसिला, मौसम विभाग ने लोगों को किया सतर्क
मध्य प्रदेश में IAS तबादलों की नई सूची जारी, डॉ. सुदाम खाड़े को मिली अहम जिम्मेदारी