जनता और अधिकारियों के बीच उठे सवाल, फैसले पर आलोचना
मध्य प्रदेश के भिंड जिले| के मेहगांव में आयोजित “संकल्प से समाधान” जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है. सरकारी कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला की अनुपस्थिति में अधिकारियों ने उनके बेटे आलोक शुक्ला को मुख्य भूमिका में रखते हुए हितग्राहियों को योजनाओं के प्रमाण पत्र वितरित करा दिए. इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं|
मंत्री की अनुपस्थिति में बदला निर्णय
बताया जा रहा है कि सोमवार को आयोजित इस शिविर में मुख्य अतिथि के तौर पर स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला को शामिल होना था, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके. ऐसी स्थिति में आमतौर पर जिम्मेदारी किसी अन्य अधिकृत जनप्रतिनिधि या वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाती है, मगर यहां अधिकारियों ने अलग फैसला लेते हुए मंत्री के बेटे को ही मंच पर बुला लिया|

लद्दाख में पर्यावरण सुरक्षा की मिसाल, विज्ञान के जरिए बचाई जा रही प्राकृतिक धरोहर
अमित शाह का दावा: दस साल में 1.25 लाख एकड़ भूमि घुसपैठियों से मुक्त, बिगड़े हालात की जिम्मेदारी कांग्रेस पर
OBC आरक्षण विवाद में सुप्रीम कोर्ट की नई कार्रवाई, दो मामले पुनर्विचार के लिए किए रिकॉल
मंत्री गौतम टेटवाल पर MP में शिक्षक का गंभीर आरोप, उमंग सिंघार ने दी जांच और सुरक्षा की मांग
मामूली बात पर हंगामा, DJ पर नहीं बजा गाना तो मचा उत्पात