कुलसचिव कक्ष के बाहर RDVV छात्रों ने जताई नाराजगी
जबलपुर: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और परीक्षा प्रणाली की कार्यशैली से नाराज छात्र नेताओं ने लामबंद होकर एक बड़ा आंदोलन छेड़ा है। नेशनल एजुकेशन यूथ यूनियन के बैनर तले दर्जनों आक्रोशित छात्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए और परिसर में जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का सीधा आरोप है कि विश्वविद्यालय के अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले गोपनीय और परीक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर विसंगतियां और गड़बड़ियां व्याप्त हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से दूर कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना बेहद जरूरी है।
गोपनीय और परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप
यूनियन के पदाधिकारियों ने कुलसचिव को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के कामकाज पर कई तीखे सवाल खड़े किए हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के परिणामों और गोपनीय दस्तावेजों के रख-रखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में लटक जाता है। ज्ञापन में विश्वविद्यालय के संसाधनों के बेतरतीब उपयोग और प्रशासनिक स्तर पर बरती जा रही अपारदर्शिता का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिसके चलते सामान्य छात्र-छात्राओं को अपनी अंकसूचियों और डिग्रियों के लिए भटकना पड़ता है।
अनावश्यक नियुक्तियों और दागी अधिकारियों की पदस्थापना का विरोध
छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर वित्तीय अनियमितताओं और चहेतों को उपकृत करने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि संस्थान में बिना किसी वास्तविक आवश्यकता और कार्यभार के भारी संख्या में अतिथि विद्वानों (गेस्ट फैकल्टी) की नियुक्तियां कर दी गई हैं, जिससे विश्वविद्यालय के बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसके साथ ही छात्रों ने इस बात पर भी कड़ा ऐतराज जताया है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों पर पूर्व में गंभीर आरोप लग चुके हैं, उन्हें हटाने के बजाय स्थापना विभाग जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रभागों में जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की मांग
आंदोलनकारी छात्रों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके द्वारा उठाए गए इन गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय मुद्दों की समय रहते निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो वे आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। छात्र संगठन की मांग है कि विसंगतियों के लिए जिम्मेदार कूटनीतिज्ञों और अधिकारियों को तुरंत उनके पदों से हटाया जाए और उनके विरुद्ध वैधानिक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस पूरे विरोध प्रदर्शन और घेराव के दौरान जिला अध्यक्ष नीरज शर्मा सहित अविनाश गोस्वामी, यशराज मौर्य, सुमित शर्मा, धीरज शर्मा, करण तिवारी, रचित नामदेव, आयुष लोधी, संदीप नामदेव, मनीष प्रजापति, आकाश यादव और श्रृयांश जैसे कई प्रमुख छात्र नेता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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