सोशल मीडिया पोस्ट के बाद समर्थक और विरोधी आमने-सामने
चेन्नई: मशहूर फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी ऐतिहासिक तस्वीर साझा कर दक्षिण भारतीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। यह तस्वीर दिवंगत दिग्गज नेता एम. करुणानिधि की है, जिसमें उनके पीछे खड़े एक छोटे बालक ने आज तमिलनाडु की सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। वर्तमान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में इस फोटो का वायरल होना न केवल पुरानी यादों को ताजा कर रहा है, बल्कि राज्य में आए बड़े सत्ता परिवर्तन की ओर भी इशारा कर रहा है।
एक पुरानी तस्वीर और बदलती राजनीति का संकेत
राम गोपाल वर्मा द्वारा पोस्ट की गई इस पुरानी तस्वीर में डीएमके के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि एक उद्घाटन समारोह के केंद्र में नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर की खास बात यह है कि करुणानिधि के ठीक पीछे सुपरस्टार विजय अपने माता-पिता एस. ए. चंद्रशेखर और शोभा चंद्रशेखर के साथ बेहद कम उम्र में खड़े दिखाई दे रहे हैं। फिल्मकार ने इस फोटो के साथ एक बेहद तीखा और दिलचस्प कैप्शन लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि करुणानिधि ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके पीछे खड़ा यह मासूम बच्चा एक दिन उनकी विरासत और पार्टी को चुनावी मैदान में पटखनी दे देगा।
विजय की ऐतिहासिक जीत और कलिगनर की विरासत
यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब विजय की नवनिर्मित पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' ने साल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए सबको हैरान कर दिया है। विजय की पार्टी ने डीएमके जैसे मजबूत संगठन को कड़े मुकाबले में पछाड़ते हुए 108 सीटें हासिल की हैं और राज्य की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है। राम गोपाल वर्मा की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है, जहां लोग इसे एक युग के अंत और नए नायक के उदय के रूप में देख रहे हैं, जिसने कभी राजनीति के दिग्गजों की छत्रछाया में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी।
सोशल मीडिया पर छिड़ा विवाद और यूजर्स की प्रतिक्रिया
राम गोपाल वर्मा के इस बयान के बाद इंटरनेट की दुनिया दो हिस्सों में बंट गई है। जहां विजय के समर्थक इसे तमिल राजनीति के नए सूर्योदय का प्रतीक मान रहे हैं और फिल्मकार की दूरदर्शिता की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ डीएमके समर्थक और कुछ अन्य यूजर्स इसे करुणानिधि जैसे कद के नेता का अपमान बता रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि एक पुरानी पारिवारिक तस्वीर को राजनीतिक हार-जीत से जोड़कर देखना सही नहीं है, जबकि कुछ लोग इसे तमिलनाडु की बदलती जनभावनाओं का सबसे सटीक चित्रण मान रहे हैं। फिलहाल, यह तस्वीर और उस पर किया गया तंज पूरे देश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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