सुप्रीम कोर्ट का जाति जनगणना पर सुनवाई से इनकार
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने जाति जनगणना करवाने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जाति जनगणना एक नीतिगत मामला है। यह मुद्दा केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। याचिकाकर्ता पी प्रसाद नायडू ने सुप्रीम कोर्ट से जाति जनगणना कराने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग की थी। नायडू ने याचिका में कहा था कि केंद्र और उसकी एजेंसियों ने आज तक जनगणना-2021 के लिए गणना नहीं की है। शुरुआत में कोविड-19 महामारी और फिर कई बार स्थगित किया जा चुका है। जनगणना में देरी के कारण डेटा में बड़ा अंतर पैदा हो गया है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील रविशंकर जंडियाला ने कहा कि कई देशों ने जातिगत जनगणना की, लेकिन भारत ने अभी तक ऐसा नहीं किया है। 1992 के इंद्रा साहनी फैसले में कहा गया है कि यह जनगणना समय-समय पर की जानी चाहिए।

विधानसभा में आवारा कुत्तों के मुद्दे पर राजनीति गरमाई, बयानबाजी से बढ़ा विवाद
इंदौर में 11 किमी लंबा ट्रैक तैयार, ट्रायल रन के बाद अब सुरक्षा प्रमाणन की बारी
IND vs AUS: वनडे सीरीज के लिए इस धाकड़ ओपनर की भारतीय टीम में वापसी, चोट से उबर कर चार महीने बाद करेंगी वापसी
Naxal Surrender: नक्सल संगठन को बड़ा झटका, सुकमा में 22 नक्सलियों ने एक साथ किया सरेंडर
Chhattisgarh में बोर्ड एग्जाम की उलटी गिनती शुरू, गोपनीय सामग्री लेकर पुलिस सुरक्षा के साथ निकले शिक्षक
सलीम खान की बिगड़ी तबीयत, लीलावती अस्पताल में हुए भर्ती; हॉस्पिटल पहुंचे सलमान खान
Grand Mufti of India: कौन हैं केरल में जन्मे मुस्लिमों के मसीहा शेख अबू बक्र अहमद? PM Modi से मुलाकात की हो रही चर्चा
CG Liquor Scam: सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई