टीम मैनेजमेंट को भी उनसे बड़ी उम्मीदें
भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने आईपीएल 2026 से पहले अपनी फिटनेस और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने शराब पीना पूरी तरह से छोड़ दिया है और पिछले छह महीनों से इससे दूर हैं। यह खुलासा उन्होंने पूर्व दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज एबी डिविलियर्स के साथ एक पॉडकास्ट में किया।
फिटनेस और प्रदर्शन पर फोकस
चहल इस बार आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स की ओर से खेलेंगे। उन्होंने कहा कि अब उनकी उम्र 35 साल हो चुकी है, इसलिए वह अपनी फिटनेस को लेकर और ज्यादा सजग हो गए हैं। चहल ने कहा, 'मैंने शराब पीना बंद कर दिया है। अब मैं अपनी टीम के लिए 150% देना चाहता हूं और एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर युवाओं के लिए उदाहरण बनना चाहता हूं।'
पिछले आईपीएल में चहल का प्रदर्शन
आईपीएल 2025 में चहल का प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा था। 14 मैचों में उन्होंने 16 विकेट लिए। टीम फाइनल तक भी पहुंची, लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के हाथों उसे करारी शिकस्त मिली।
चोटों ने किया परेशान
चहल ने बताया कि 2025 सीजन में चोटों ने उनके प्रदर्शन को काफी प्रभावित किया। केकेआर के खिलाफ मैच के बाद उनकी पसलियों में फ्रैक्चर हुआ। बाद में उंगली में चोट लगी। इन चोटों की वजह से वह सेमीफाइनल और फाइनल में अपनी पूरी क्षमता से गेंदबाजी नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, 'मैं खुद से निराश था। इस बार मेरा फोकस सबसे पहले अपने शरीर का ख्याल रखना है।'
आईपीएल 2026 और टीम इंडिया पर नजर
चहल का लक्ष्य इस बार सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि पंजाब किंग्स को पहला आईपीएल खिताब दिलाना भी है। इसके अलावा वह टीम इंडिया में वापसी करना चाहते हैं। उन्होंने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2023 में खेला था।

राशिफल 06 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनीं 17 गांवों की समस्याएं
राज्य के 7 जिलों में लोगों की आमदनी बढ़ाने के लिए एकीकृत आजीविका कार्यक्रम
राज्य वित्त आयोग 6 जून को करेगा नर्मदापुरम का दौरा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलीं पर्वतारोही अंजना यादव
पर्यावरण दिवस पर मार्कफेड में वृक्षारोपण
‘खेत बचाओ अभियान‘ के तहत एनआईबीएसएम द्वारा हरी खाद तकनीक का सजीव प्रदर्शन
ऊर्जा मंत्री तोमर ने विषम परिस्थितियों में बिजली कार्मिकों द्वारा व्यवधानों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ताओं के धैर्य की सराहना की
हमारी जीवन पद्धति में प्रकट होता है पर्यावरण संरक्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सेवानिवृत्ति के बाद आराम नहीं, बल्कि खेती में नई पहचान बनाने का सपना’