विराट कोहली ने शतक के बाद शेयर किया संघर्ष का अनुभव
"दो शून्य की नाकामी मुझे खा रही थी"—विराट कोहली ने शतक जड़कर दिया आलोचकों को जवाब, RCB फिर बनी नंबर-1
पिछले दो मुकाबलों में शून्य (डक) पर आउट होने के बाद उठ रहे सवालों का जवाब विराट कोहली ने रायपुर के मैदान पर अपने बल्ले से दिया। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ नाबाद शतकीय पारी खेलकर उन्होंने न केवल आरसीबी को जीत दिलाई, बल्कि टीम को अंक तालिका के शीर्ष पर भी पहुंचा दिया। इस मैच के साथ विराट आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा 279 मैच खेलने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं, जिसमें उन्होंने एमएस धोनी और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया है।
"अंदर ही अंदर परेशान था मैं"
मैच के बाद अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए विराट ने कहा, "पिछले दो मैचों में रन न बना पाना मुझे भीतर ही भीतर खा रहा था। मुझे पता था कि मैं गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहा हूँ, लेकिन जब आप पारी को बड़ा नहीं कर पाते और टीम की जीत में योगदान नहीं देते, तो वह बात आपको परेशान करती है।" उन्होंने बताया कि इतने वर्षों बाद भी उनका लक्ष्य हर दिन खुद को बेहतर बनाना ही रहता है।
98 पर डांस और पहले रन का सुकून
विराट का आत्मविश्वास मैदान पर साफ झलका। मैच में जब उन्होंने अपना खाता खोला, तो उनके चेहरे पर राहत की मुस्कान थी। वहीं, जब वे 98 के निजी स्कोर पर थे, तब कार्तिक त्यागी की गेंद पर छक्का जड़ने के बाद उन्होंने मैदान पर थिरक कर अपने जोश का इजहार किया।
असफलता और दबाव पर 'किंग' के विचार
कोहली ने विफलता और दबाव को लेकर बड़ी बातें साझा कीं:
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वापसी का अवसर: "दो खराब मैच आपको घबराहट दे सकते हैं, लेकिन वही आपको और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करते हैं। असफलताएं जरूरी हैं क्योंकि वे आपको वापसी का मौका देती हैं।"
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दबाव एक सम्मान: "लोग कहते हैं कि दबाव एक विशेषाधिकार (Privilege) है। यह आपको विनम्र रखता है और फोकस बनाए रखने में मदद करता है। मैं नेट प्रैक्टिस में और ज्यादा पसीना बहा रहा था क्योंकि आप खेल को हल्के में नहीं ले सकते।"
बल्लेबाजी के प्रति अटूट प्रेम
विराट ने भावुक होते हुए कहा कि बल्लेबाजी से उनका प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, "मैदान पर मैं अपना सब कुछ झोंक देता हूँ क्योंकि एक दिन यह सब खत्म हो जाएगा। दबाव में खेलना आपके चरित्र का निर्माण करता है। आज भी जब गेंद बल्ले के बीचों-बीच लगती है, तो मुझे वैसी ही खुशी मिलती है जैसी करियर की शुरुआत में मिलती थी।"
कप्तान रजत पाटीदार ने की सराहना
आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि 10 ओवर के बाद गेंदबाजों ने जिस तरह केकेआर को 192 रनों पर रोका, वह जीत का टर्निंग पॉइंट रहा। उन्होंने कहा कि टीम फिलहाल एक बार में एक ही मैच पर ध्यान दे रही है।

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