खुशी से विदाई देने गए थे, मातम में बदल गया माहौल
मेरठ|मेरठ के इंचौली थाना इलाके के जलालपुर गांव के एक ही परिवार के तीन किशोर और एक युवक गंगा नदी में डूब गए। चारों युवक चचेरे भाई हैं। एक अन्य युवक को डूबने से बचा लिया गया। देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन में चारों का सुराग नहीं लग सका। घटना शुक्रवार को दोपहर में करीब 3:30 बजे हस्तिनापुर के मखदूमपुर गंगा घाट पर हुई।पुलिस ने बताया कि डूबने वाले तीन किशोर और युवक 100 वर्षीय दादी भगवती देवी के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। अंतिम संस्कार के बाद चारों एक अन्य परिजन प्रदीप के साथ गंगा नदी में स्नान करने लगे। नहाते समय सभी गहरे पानी में चले गए।
स्थानीय लोगों ने प्रदीप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन चारों भाई लहरों में ओझल हो गए। डूबने वालों में जलालपुर गांव के किसान कमल सिंह सैनी के दो बेटे एलएलबी का छात्र अभिषेक (21) व दसवीं का छात्र हिमांशु (17) और उनके छोटे भाई सोनू के दो बेटे 12वीं का छात्र दीपांशु (17) व दसवीं का छात्र प्रियांशु (15) हैं। मवाना सीओ पंकज लवानिया पुलिस बल और पीएसी के गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे।
चारों की मां का रो-रोकर बुरा हाल
मखदूमपुर घाट पर चार भाइयों के गंगा में डूबने के हादसे के बाद से जलालपुर गांव का हर घर शोक में डूबा है, हर आंख से बस आंसू बह रहे हैं। सैनी परिवार के चार चचेरे भाइयों के एक साथ गंगा में डूबने की खबर ने दो सगे भाइयों के हंसते-खेलते संसार को उजाड़ कर रख दिया है। चारों भाइयों की माताओं का रो-रोकर बुरा हाल है।
मातम में डूबा गांव, मां बोली- गंगा मैया मुझे ले जाओ... बच्चे लौटा दो
अभिषेक और हिमांशु की मां बिजेंद्री बेटों के कपड़ों को सीने से लगाकर बार-बार बेसुध हो रही हैं। सोनू की पत्नी मुनेश का विलाप सुनकर ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई। मुनेश बार-बार एक ही गुहार लगा रही थीं गंगा मैया मुझे ले जाओ, मेरे बच्चों को लौटा दो।हादसे में कमल सिंह सैनी के दो बेटे अभिषेक और हिमांशू, उनके छोटे भाई सोनू के दो बेटे प्रियांशु और दीपांशु गंगा की लहरों में समा गए। उनकी एक छोटी बेटी प्रियांशी है। प्रियांशी ने बताया कि चारों भाई पढ़ाई में बहुत होनहार थे।
दादी की अंतिम विदाई बन गई पोतों का अंतिम सफर
यह हादसा उस वक्त हुआ जब जलालपुर निवासी सैनी परिवार अपनी बुजुर्ग दादी भगवती देवी (100 वर्ष) के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार करने मखदुमपुर घाट गया था। मूल रूप से हापुड़ के मुकीमपुर निवासी भगवती देवी के पति मोतीलाल की 35 वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से वह अपनी बड़ी बेटी राजवीरी के बेटे हरवीर के साथ जलालपुर में ही रह रही थीं।
परिवार ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि दादी को विदाई देने गया यह सफर घर के चार होनहार युवाओं के लिए भी अंतिम सफर साबित होगा। घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान और भारी संख्या में ग्रामीण मखदुमपुर घाट पहुंचे।
मेरा सब कुछ खत्म हो गया
दीपांशु व प्रियांशु के पिता सोनू गंगा किनारे बिलखते हुए बार-बार यही कहते रहे कि अब उनका सब कुछ खत्म हो गया। उनके दोनों बेटे ही उनकी जिंदगी का सहारा थे। अब घर में केवल इकलौती बेटी दिव्यांशी ही बची है।
करमखदुमपुर गंगा घाट पर रात भर चला सर्च ऑपरेशन
मखदुमपुर गंगा घाट पर शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जलालपुर गांव के एक ही परिवार के चार चचेरे भाइयों के डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। रात के अंधेरे में भी सर्च ऑपरेशन जारी रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए ताकि पानी में समाए युवाओं का सुराग लगाया जा सके।
एसएसपी सहित आला अफसरों ने संभाली कमान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अविनाश पाण्डेय खुद मखदुमपुर घाट पहुंचे और बचाव कार्य का जायजा लिया। उनके साथ एडीएम वित्त एवं राजस्व सूर्यकांत त्रिपाठी, एसपी देहात अभिजीत कुमार, एसडीएम मवाना संतोष कुमार और सीओ पंकज लवानिया भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और गोताखोरों को तेजी से सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए।
राहुल ने डूबते हुए प्रदीप को सुरक्षित निकाला
घाट पर जहां एक ओर चीख-पुकार मची थी, वहीं एक युवक की जान बचाने में ग्रामीण सफल रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चारों भाइयों के साथ प्रदीप नामक युवक भी गहरे पानी की चपेट में आकर डूबने लगा था। तभी गांव के ही राहुल ने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा में छलांग लगा दी और कड़ी मशक्कत के बाद प्रदीप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, अभिषेक, हिमांशु, दीपांशु और प्रियांशु का कोई सुराग नहीं लग सका।
अंतिम संस्कार के बाद हुआ हादसा
दादी भगवती के अंतिम संस्कार के बाद अभिषेक (21), हिमांशु (17), दीपांशु (17) व प्रियांशु (15) गंगा स्नान के लिए उतरे थे। वे अचानक गहरे पानी में चले गए। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन लहरों का वेग अधिक होने के कारण वे आंखों से ओझल हो गए। फिलहाल प्रशासन हर संभव प्रयास में जुटा है कि डूबे हुए युवकों को तलाशा जा सके।
रात भर पीएसी फ्लड कंपनी और लाइटों के बीच तलाशी
एसएसपी के निर्देश पर फौरन पीएसी की बाढ़ नियंत्रण (फ्लड) कंपनी को मौके पर बुलाया गया। चूंकि शाम ढलने के बाद घाट पर अंधेरा हो गया था, इसलिए एसडीएम संतोष कुमार ने मवाना नगर पालिका से जनरेटर और विशेष प्रकाश व्यवस्था (हाई-मास्ट लाइटें) मंगवाई। पूरी रात सर्च ऑपरेशन जारी रहा लेकिन देर रात तक चारों युवकों का पता नहीं चल सका था।

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