महिलाओं के हुनर को मिल रही नई पहचान : आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
रायपुर : महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लखपति दीदी योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के तहत महिलाओं को पारंपरिक हुनर जैसे बुनाई, कढ़ाई और वस्त्र निर्माण में प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगारोन्मुख बनाया जा रहा है। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखण्ड के ग्राम सेंदरी एवं नारायणगढ़ की 20-20 महिलाओं को ग्रामोद्योग हाथकरघा विभाग द्वारा ट्यूनिक वस्त्र गणवेश, चादर, टॉवेल, बेडशीट सहित अन्य वस्त्र निर्माण का प्रशिक्षण मिला है, जिससे उन्हें प्रतिमाह 10-12 हजार रूपए तक की आय हो रही है।
प्रशिक्षित महिलाएं अब जय गढ़माता बुनकर सहकारी समिति मर्यादित ठाकुरटोला के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ मर्यादित रायपुर की शासकीय वस्त्र प्रदाय योजना के अंतर्गत वस्त्र उत्पादन एवं विपणन कर रही हैं। हाथकरघा उद्योग में इन महिलाओं को बारहों महीने सतत रोजगार प्राप्त हो रहा है, जिससे सालाना एक लाख रुपए से अधिक की आमदनी हो रही है।
बुनकरी कार्य में जुटी महिलाएं अब लखपति दीदी बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं। हथकरघा से बने वस्त्रों की गुणवत्ता, रंग संयोजन और पारंपरिक सौंदर्य को देखते हुए बाजार में इनकी अच्छी मांग है। इस योजना ने न सिर्फ महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुधारा है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान भी दिलाया है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए न केवल आजीविका का साधन बनी है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नया आयाम दे रही है।

दीपिका पादुकोण फिर बनने वाली हैं मां? मैटरनिटी लुक्स ने बढ़ाई हलचल
पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, आर्मी ने कहा- इंसानियत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
इंदौर में ट्रैफिक समस्या बरकरार, हाई कोर्ट ने मांगा ठोस समाधान
मन्नत के बाद मातम: मंदिर से लौट रही महिला की सड़क हादसे में मौत
Ministry of Home Affairs को मिला ‘प्रज्ञा’ सिस्टम, सुरक्षा में आएगी नई मजबूती
अहमदाबाद में बल्लेबाजी का सरेंडर: 100 रन की हार से खुश नहीं हेडन, खिलाड़ियों को दी चेतावनी।
वर्ल्ड कप 2026 पर लगा फिक्सिंग का दाग: कनाडा बनाम न्यूजीलैंड मैच की जांच में जुटी आईसीसी की एसीयू।
साइबर फ्रॉड का महाघोटाला: 2500 करोड़ की ठगी, 20 आरोपी गिरफ्तार