महाशिवरात्रि पर करें भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा
सनातन धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पूरे देश में महाशिवरात्रि का त्यौहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। महाशिवरात्रि के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में भव्य शिव बारात भी निकाली जाती है। यही वो पावन दिन है जब महादेव का विवाह माता पार्वती के साथ संपन्न हुआ था। महाशिवरात्रि के दिन शिव-गौरी की पूजा करने से सुखी दांपत्य जीवन और समृद्धि-संपन्नता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही महाशिवरात्रि का व्रत कर भोलेनाथ और मां पार्वती की पूजा करने से कुंवारी कन्याओं को सुयोग्य और मनचाहा जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है। इस बार यह पावन तिथि 15 फरवरी को पड़ रही है।
इस दिन शाम 5:04 से अगले दिन सुबह 5:23 तक भद्रा का योग रहेगा, लेकिन ज्योतिषियों के अनुसार इस बार भद्रा पाताल लोक में है, इसलिए इसका असर पृथ्वी पर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब भक्त निश्चिंत होकर पूजा कर सकते हैं।
यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना के साथ हमें तन से स्वस्थ और मन से निर्मल बने रहने का संदेश देता है। शिवपुराण में महाशिवरात्रि का महत्व बताते हुए कहा गया है कि जो प्राणी इस दिन सच्चे मन से शिवजी की आराधना करता है, वह वर्ष भर किए उपवासों से कई गुणा पुण्य की प्राप्ति कर लेता है।

पंजाब कांग्रेस में हलचल तेज, बैठक टलने के बाद अचानक फिर बुलाई गई
सरकार से संवाद की पहल, सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखी शर्त
समाजवादी पार्टी की महिला नेता सीमा राजभर पर बलिया में मुकदमा दर्ज, बढ़ीं मुश्किलें
शिवसेना के बागी सांसदों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, सुनवाई स्वीकार कर जारी किया नोटिस
जयशंकर ने QUAD मंच से क्या-क्या कहा? हिंद-प्रशांत, सुरक्षा और साझेदारी पर दिए अहम संदेश
'चड्डी-बनियान गैंग' फिर एक्टिव! रात में चोरी की वारदातों से लोगों में डर
रोजगार और परीक्षाओं पर राहुल गांधी का वार, पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना
भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट की एंट्री, अर्जी पर सुनवाई से बढ़ी उम्मीदें
अनियमितताओं पर शिकंजा, नगर निगम ने शुरू की बिल्डिंग नक्शों की जांच
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर विरोध करने पहुंचे दंपति हिरासत में, पुलिस ने बताई वजह