नया खरीदार, नई उम्मीद! Yes Bank में बड़ी डील की खबर से शेयर भागे
नई दिल्ली: जापानी वित्तीय समूह सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) यस बैंक में हिस्सेदारी हासिल करने की होड़ में फिर से शामिल हो गया है. सूत्रों ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मुंबई मुख्यालय वाले इस लेंडर में कंट्रोल हिस्सेदारी हासिल करने के लिए SMBC के साथ बातचीत फिर से शुरू कर दी है. सूत्रों ने बताया कि हालांकि पहले बातचीत 2024 में शुरू हुई थी, लेकिन इस बार डील की शर्तों में कुछ बदलाव किए गए हैं.
आरबीआई से मिली मंजूरी
जापान की सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (एसएमबीसी) ने निजी लेंडर यस बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मंजूरी हासिल कर ली है. इस डील से निजी लेंडर का मूल्य 1.7 बिलियन डॉलर आंका जा सकता है.
रिपोर्ट के अनुसार SMBC 26 फीसदी से कम हिस्सेदारी खरीद सकता है और शेयर स्वैप के जरिए विलय कर सकता है. मिंट की रिपोर्ट के अनुसार यह 26 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीद सकता है और ओपन ऑफर भी ला सकता है.
एक रिपोर्ट में पहले बताया गया था कि एसएमबीसी संपत्ति के लिहाज से छठे सबसे बड़े निजी बैंक में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है. इस रिपोर्ट में एसएमबीसी ने अतिरिक्त 26 फीसदी हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर शुरू करने की संभावना जताई गई थी.
यस बैंक के शेयर
इसके खबर के बाद यस बैंक के शेयरों में 9.64 फीसदी की तेजी आई और यह बीएसई पर 19.44 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जिससे इस साल अब तक का घाटा 5 फीसदी कम हो गया. पिछले एक साल में शेयर में 22 फीसदी और पिछले पांच सालों में 30 फीसदी की गिरावट आई है.
एसबीआई का शेयर
दूसरी ओर बीएसई पर एसबीआई का शेयर 0.79 प्रतिशत गिरकर 783.75 रुपये पर कारोबार कर रहा.
YES बैंक में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करना
याद करने लायक बात यह है कि पिछले साल भी ऐसी ही रिपोर्टें सामने आई थी. उस समय यह बताया गया था कि जापानी लेंडर SMBC और दुबई स्थित एमिरेट्स NBD, YES बैंक में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए चर्चा में थे. SMBC जापान की दूसरी सबसे बड़ी बैंकिंग संस्था सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल ग्रुप की सहायक कंपनी है.
हालांकि यह समझा गया कि बैंकिंग नियामक ने अभी तक निश्चित उपयुक्त और उचित अनुमोदन नहीं दिया था और कथित तौर पर किसी विदेशी संस्था द्वारा YES बैंक में 51 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी हासिल करने के विचार के प्रति प्रतिरोधी था.
यस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी
यस बैंक में 24 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाला एसबीआई कथित तौर पर संभावित विक्रेताओं में से एक था. द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार यह स्पष्ट नहीं था कि अन्य वित्तीय संस्थानों में से कौन बाहर निकलने का विकल्प चुन सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कोई सौदा होता है और उसके बाद ओपन ऑफर होता है, तो एसएमबीसी के सबसे बड़े शेयरधारक बनने की उम्मीद है.
यस बैंक में इनकी हिस्सेदारी
31 मार्च तक कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) सहित घरेलू संस्थानों के पास सामूहिक रूप से यस बैंक में 11.34 फीसदी हिस्सेदारी है. द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार निजी इक्विटी फर्म एडवेंट इंटरनेशनल और कार्लाइल के पास क्रमश- 9.2 फीसदी और 6.84 फीसदी हिस्सेदारी है.

किसानों की मूंग खरीदी बनी विवाद का कारण, एमपी और केंद्र के बीच बढ़ा तनाव
शताब्दीपुरम में बुलडोजर कार्रवाई पर बवाल, विधायक ने जताई नाराजगी; JDA अध्यक्ष बोले- नियमों के तहत कार्रवाई
लोकतांत्रिक अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट का जोर, शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बताया जरूरी
वन विभाग में बड़ा बदलाव तय, एक साथ 4 वरिष्ठ IFS अधिकारियों की होगी सेवानिवृत्ति
एंटी पेपर लीक विधेयक के बीच विपक्ष की नई रणनीति, राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
जिम्बाब्वे दौरा खत्म, अब शुरू होगा नया चैलेंज! दिसंबर तक टीम इंडिया का फुल शेड्यूल
सैर-सपाटा बना मौत का सफर, रामगढ़ ताल में बोट टकराने से पर्यटक की जान गई
S-400 खरीद पर फिर घमासान, अमेरिका और तुर्की के बीच बढ़ा कूटनीतिक तनाव
100 साल बाद भी गलत नहीं हुआ आइंस्टीन का सिद्धांत, नई खोज ने मचाई हलचल