सालों पुराने हत्याकांड पर फिर न्यायिक कार्रवाई तेज
बिलासपुर|छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड केस एक बार फिर सुर्खियों में है. हत्याकांड एक बार फिर हाई कोर्ट में रिओपन हो गया है. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में इस केस की सुनवाई हुई. ये सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई है. डिवीजन बेंच ने केस की अंतिम सुनवाई के लिए एक अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है|
राज्य सरकार ने CBI को सौंपी थी जांच
रामावतार जग्गी हत्याकांड के दोषियों ने सजा के खिलाफ अपील की थी. लेकिन डिवीजन बेंच ने 2 साल पहले रामावतार जग्गी हत्याकांड के दोषियों की अपील को खारिज कर दिया था और सजा को बरकरार रखा था|
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील को स्वीकार कर लिया था. इसके साथ ही मामले को फिर से छ्त्तीसगढ़ हाई कोर्ट में भेज दिया था|
‘अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी फिर बने आरोपी‘
हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे अमित जोगी समेत कई लोगों पर हत्या की साजिश का आरोप था. लेकिन सबूतों की कमी के कारण कोर्ट ने अमित जोगी को बरी कर दिया था. लेकिन कानून को जानने वालों का कहना है कि केस रिओपन होने के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे अमित जोगी एक बार फिर से आरोपी हो गए हैं और उन्हें कोर्ट से जमानत लेनी होगी|
राज्य सरकार ने CBI को सौंपी थी जांच
हत्याकांड में पुलिस की शुरुआती जांच सही से ना होने का आरोप लगा था. पुलिस पर पक्षपात करन का आरोप लगा था. इसके बाद प्रदेश सरकार ने जांच को CBI को सौंपा था. जब सीबीआई ने जांच की तो मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी समेत कई लोगों पर हत्या की साजिश के आरोप लगे थे|
फिलहाल एक बार फिर से रामावतार जग्गी हत्याकांड केस हाई कोर्ट में रिओपन हो गया है. जिसको लेकर अब अंतिम सुनवाई एक अप्रैल में होनी है|

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